मध्य प्रदेश के आरटीई (शिक्षा का अधिकार) द्वितीय चरण में केवल वही अभिभावक आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पहले चरण (13-28 मार्च 2026) के दौरान अपना आवेदन पंजीकृत कराया था.
इस चरण में कोई भी नया पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाता। द्वितीय चरण का उद्देश्य उन रिक्त सीटों को भरना है जो पहले चरण की रिपोर्टिंग अवधि (3-15 अप्रैल 2026) के बाद खाली रह जाती हैं.
यह आर्टिकल द्वितीय चरण की सटीक पात्रता, स्वत: रोलओवर प्रक्रिया और व्यावहारिक कदमों को विस्तार से समझाता है.
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अभिभावकों के लिए सबसे जरूरी जानकारी एक नज़र में:
| विषय (Topic) | विवरण और समयसीमा (Details & Dates) |
| प्रक्रिया का नाम | मध्य प्रदेश RTE द्वितीय चरण (Round 2) प्रवेश 2026-27 |
| सबसे महत्वपूर्ण शर्त | केवल पहले चरण (Phase 1) के पंजीकृत आवेदक ही पात्र हैं। (नया पंजीकरण संभव नहीं) |
| कौन शामिल होगा? | वे आवेदक जिन्हें Round 1 में कोई सीट नहीं मिली थी। (स्वतः शामिल) |
| प्रथम चरण की रिपोर्टिंग समाप्ति | 15 अप्रैल 2026 (इस तारीख तक प्रवेश न लेने वालों की सीटें रद्द होंगी) |
| रिक्त सीटों का संकलन | 16-17 अप्रैल 2026 (अनुमानित) |
| द्वितीय चरण आवंटन (रिजल्ट) | 18-20 अप्रैल 2026 (अनुमानित, SMS द्वारा सूचित) |
| द्वितीय चरण रिपोर्टिंग अवधि | 21-25 अप्रैल 2026 (अनुमानित, समयसीमा बहुत कम: 3-5 दिन) |
| दस्तावेज सत्यापन | द्वितीय चरण में कोई नया सत्यापन नहीं। पहले चरण का सत्यापन ही मान्य। |
| आवश्यक कार्रवाई | पोर्टल पर एप्लीकेशन स्टेटस और वेटिंग लिस्ट नंबर नियमित रूप से जांचें। |
| शिकायत/हेल्पलाइन | कोई भी स्कूल शुल्क मांगे तो CM हेल्पलाइन (181) पर शिकायत करें। |
Who Gets Automatic Entry in Round 2

Round 2 Ke Liye Auto-Qualified Categories
द्वितीय चरण में स्वत: उन सभी आवेदकों को शामिल किया जाता है जो पहले चरण की लॉटरी के लिए पात्र थे, लेकिन उन्हें कोई सीट आवंटित नहीं हुई थी। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि आपने मार्च 2026 में आवेदन फॉर्म भरा था, आपका दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका था, और पहली लॉटरी में आपके बच्चे का नाम नहीं आया, तो आप द्वितीय चरण में अपने आप शामिल माने जाएंगे।
जब आप पहले चरण में आवेदन जमा करते हैं, तो आपका सारा डेटा आधिकारिक पोर्टल पर स्थायी रूप से संग्रहित हो जाता है। यही डेटा द्वितीय चरण की आवंटन प्रक्रिया में भी उपयोग किया जाता है। आपको कोई नया फॉर्म जमा करने की आवश्यकता नहीं है। पोर्टल की प्रणाली स्वतः उन आवेदकों को पहचान लेती है जिन्हें पहले चरण में सीट नहीं मिली थी।
क्या होगा यदि आपने रिपोर्टिंग नहीं की? यदि आपको पहले चरण में सीट मिली थी, लेकिन आपने 3 से 15 अप्रैल के बीच स्कूल में जाकर प्रवेश नहीं लिया (रिपोर्टिंग नहीं की), तो आपकी वह सीट स्वतः रद्द हो जाती है और वह सीट द्वितीय चरण के पूल में चली जाती है। परंतु आप स्वयं द्वितीय चरण में दोबारा शामिल नहीं किए जाएंगे, क्योंकि आपको पहले ही एक बार सीट मिल चुकी थी। यह एक बहुत सामान्य गलतफहमी है जो अक्सर अभिभावकों को महंगी पड़ती है।
Waiting List Candidates Ka Status
पहले चरण की लॉटरी के बाद जो आवेदक प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में होते हैं, उन्हें प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा जाता है। जब कोई चयनित अभिभावक रिपोर्टिंग नहीं करता है, तो प्रतीक्षा सूची के अगले आवेदक को वह सीट की पेशकश की जाती है।
उदाहरण: मान लीजिए किसी स्कूल में कक्षा 1 की आरटीई कोटे के लिए 10 सीटें आरक्षित हैं। लॉटरी में 10 छात्र चयनित होते हैं। यदि उनमें से केवल 2 छात्र रिपोर्टिंग नहीं करते, तो प्रतीक्षा सूची के नंबर 1 और नंबर 2 वाले छात्रों को द्वितीय चरण में सीट मिल जाएगी। इसलिए प्रतीक्षा सूची में क्रमांक जितना ऊपर होगा, सीट मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
Phase 1 Applicants Jo Verification Fail Hue
यह एक बहुत सामान्य भ्रम का विषय है। यदि पहले चरण में आपका दस्तावेज सत्यापन विफल हो गया था (जैसे गलत आय प्रमाण पत्र, अमान्य निवास प्रमाण, या दस्तावेजों का न मिलना), तो आप द्वितीय चरण के लिए पात्र नहीं हैं। इसका कारण यह है कि पात्रता सत्यापन एक बार ही किया जाता है, और उसी सत्र के लिए वह मान्य होता है। नए सत्र (अगले वर्ष) में ही आप दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
Eligibility Criteria – Detailed Breakdown
Category-Based Eligibility (EWS / DG / BPL)
ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): वे परिवार जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹1 लाख से कम है। आय प्रमाण पत्र तहसील स्तर से जारी होना चाहिए। इसमें पिता, माता और नाबालिग भाई-बहनों की सभी आय शामिल की जाती है। दादा-दादी की पेंशन आय में शामिल नहीं होती।
डीजी (वंचित समूह): एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणी के आवेदक। इन्हें तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। ओबीसी के लिए नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
बीपीएल परिवार: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी बीपीएल या अंत्योदय कार्ड मान्य होता है। राशन कार्ड पर बीपीएल लिखा होना चाहिए।
विशेष श्रेणियाँ: अनाथ बच्चे, एचआईवी/एड्स या कैंसर से प्रभावित माता-पिता के बच्चे, और दिव्यांग माता-पिता के बच्चे भी पात्र हैं। इनके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) या संबंधित विभाग से चिकित्सा प्रमाण पत्र आवश्यक है।
Age Limit – Round 2 Mein Koi Relaxation Nahi
द्वितीय चरण में आयु सीमा में कोई छूट नहीं दी जाती। आयु सीमा पहले चरण के समान ही रहती है। आधिकारिक कट-ऑफ तिथि (सामान्यतः 31 मार्च) के अनुसार आयु की गणना की जाती है। नीचे तालिका में कक्षा अनुसार न्यूनतम और अधिकतम आयु दी गई है:
| कक्षा | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु |
|---|---|---|
| नर्सरी | 3 वर्ष | 4 वर्ष 6 माह |
| केजी / एलकेजी | 4 वर्ष | 5 वर्ष 6 माह |
| कक्षा 1 | 6 वर्ष | 7 वर्ष 6 माह |
यदि आयु सीमा पार हो जाए तो क्या होगा? यदि आपके बच्चे की आयु अधिकतम सीमा से अधिक है, तो आवेदन स्वतः अस्वीकार कर दिया जाता है। स्कूल में प्रवेश के समय मूल जन्म प्रमाण पत्र की जांच की जाती है, और यदि आयु में अंतर पाया जाता है तो प्रवेश रद्द कर दिया जाता है। यह एक गंभीर परिणाम है जिससे बचने के लिए आयु प्रमाण पत्र अवश्य जांच लें।
Domicile aur Neighborhood Requirements
द्वितीय चरण में पड़ोस (नीबरहुड) नियम थोड़ा लचीला हो जाता है। पहले चरण में स्कूल बच्चे के निवास से 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए था। दूसरे चरण में, यदि स्थानीय क्षेत्र में सीटें नहीं भर पाती हैं, तो थोड़ा दूर के स्कूलों से भी रिक्त सीटें भरी जा सकती हैं। लेकिन यह अपने आप नहीं होता — यह पोर्टल के माध्यम से ही आवंटित होता है।
मध्य प्रदेश का दोमिसाइल: बच्चे का मध्य प्रदेश में रहना आवश्यक है। बीपीएल कार्ड या राशन कार्ड मध्य प्रदेश का होना चाहिए। उत्तर प्रदेश या राजस्थान का बीपीएल कार्ड मध्य प्रदेश में मान्य नहीं है। यदि आप दूसरे राज्य से हैं तो आप इस योजना के पात्र नहीं हैं।
Sibling Quota – Round 2 Mein Kaam Kaise Karta Hai
यदि परिवार का एक बच्चा पहले से ही उसी स्कूल में आरटीई कोटे से पढ़ रहा है, तो दूसरे बच्चे को प्राथमिकता दी जाती है। परंतु द्वितीय चरण में सिबलिंग कोटा तभी लागू होता है जब उस स्कूल में रिक्त सीटें उपलब्ध हों और बड़ा भाई-बहन पहले से ही उसी स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेशित हो। यह कोई अलग आवेदन नहीं है; पोर्टल स्वतः आपके पिछले आवेदन में सिबलिंग की जानकारी देखकर प्राथमिकता तय करता है।
Documents Required – Verification Impact in Round 2
Valid Documents Ki Complete List
द्वितीय चरण में दस्तावेज सत्यापन नहीं होता — यह प्रक्रिया पहले चरण में ही पूरी हो चुकी होती है। लेकिन जब आप स्कूल में रिपोर्टिंग करने जाएंगे, तो मूल दस्तावेजों की जांच की जाएगी। नीचे तालिका में श्रेणीवार आवश्यक दस्तावेज दिए गए हैं:
| श्रेणी | आवश्यक दस्तावेज | जारी करने वाला अधिकारी |
|---|---|---|
| ईडब्ल्यूएस | आय प्रमाण पत्र (वार्षिक) | तहसीलदार |
| बीपीएल | बीपीएल / अंत्योदय कार्ड | खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग |
| एससी/एसटी/ओबीसी | जाति प्रमाण पत्र | तहसीलदार |
| निवास प्रमाण | मतदाता पहचान पत्र / राशन कार्ड / बिजली बिल | संबंधित प्राधिकारी |
| आयु प्रमाण | जन्म प्रमाण पत्र | नगर निगम / जनपद |
| अनाथ | सक्षम प्राधिकारी प्रमाण पत्र | जिला बाल संरक्षण इकाई |
| दिव्यांग माता-पिता | चिकित्सा प्रमाण पत्र | सीएमओ / स्वास्थ्य विभाग |
Document Mismatch Ke Consequences
जब आप स्कूल में रिपोर्टिंग करते हैं, तो स्कूल प्रशासन मूल दस्तावेजों की जांच करता है। यदि दस्तावेजों में कोई अंतर (मिसमैच) पाया जाता है — जैसे आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र में नाम की वर्तनी में भिन्नता, या जन्म तिथि में अंतर — तो स्कूल प्रवेश नहीं दे सकता।
कई बार अभिभावक सोचते हैं कि द्वितीय चरण में दस्तावेज सुधार का मौका मिलेगा। ऐसा नहीं होता। सत्यापन एक बार हो चुका है — सुधार का कोई प्रावधान द्वितीय चरण में नहीं है। इसलिए पहले चरण में ही सभी दस्तावेजों को सही और एकसमान रखना अत्यंत आवश्यक है।
Reporting Ke Liye Documents Kaise Prepare Karein
रिपोर्टिंग से पहले दस्तावेजों की कम से कम दो प्रतियां (फोटोकॉपी) बना लें। मूल दस्तावेजों को एक फोल्डर में व्यवस्थित रखें। स्कूल सामान्यतः मूल दस्तावेज देखकर वापस कर देता है और एक स्वप्रमाणित प्रति अपने पास रख लेता है। प्रत्येक फोटोकॉपी पर “मूल से मिलाया गया” लिखकर अपने हस्ताक्षर करना बेहतर होता है, हालांकि स्कूल यह काम स्वयं भी कर सकता है।
Round 2 Process – Step by Step
Phase 1 Completion Ke Baad Kya Hota Hai
पहले चरण की रिपोर्टिंग अवधि 3 से 15 अप्रैल 2026 तक होती है। इस अवधि में चयनित अभिभावक स्कूल में जाकर प्रवेश की पुष्टि करते हैं। जो लोग रिपोर्टिंग नहीं करते, उनकी सीट रद्द हो जाती है।
16 अप्रैल के बाद पोर्टल टीम रिक्त सीटों (वैकेंट सीट्स) की सूची तैयार करती है। ये सीटें उन्हीं स्कूलों की होती हैं जहां रिपोर्टिंग अधूरी रही या जहां चयनित अभिभावकों ने प्रवेश नहीं लिया। इस सूची को सार्वजनिक कर दिया जाता है, हालांकि आम अभिभावकों को सीधे इस सूची में हेरफेर नहीं करना होता।
Round 2 Allotment Mechanism
द्वितीय चरण में लॉटरी प्रणाली नहीं होती — बल्कि रिक्त सीटें प्रतीक्षा सूची के क्रम में आवंटित की जाती हैं। जो आवेदक प्रतीक्षा सूची में सबसे ऊपर होते हैं, उन्हें पहले सीट की पेशकश की जाती है। यह एक प्रकार का स्टेटस-क्यू रोलओवर है।
द्वितीय चरण के आवंटन के बाद, चयनित अभिभावकों को एसएमएस और पोर्टल नोटिफिकेशन भेजा जाता है। उन्हें सीमित समय (सामान्यतः 3 से 5 दिन) के भीतर रिपोर्टिंग करनी होती है। यदि वे रिपोर्टिंग नहीं करते, तो उनकी सीट अगले प्रतीक्षा क्रमांक वाले आवेदक को दे दी जाती है।
Timeline – Expected Dates
पिछले वर्षों के पैटर्न और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर, नीचे अपेक्षित तिथियां दी गई हैं:
| प्रक्रिया | अपेक्षित तिथि |
|---|---|
| प्रथम चरण की रिपोर्टिंग समाप्ति | 15 अप्रैल 2026 |
| रिक्त सीटों का संकलन | 16-17 अप्रैल 2026 |
| द्वितीय चरण का आवंटन | 18-20 अप्रैल 2026 |
| द्वितीय चरण की रिपोर्टिंग | 21-25 अप्रैल 2026 |
नोट: ये तिथियाँ पिछले पैटर्न और आधिकारिक संदर्भों पर आधारित हैं। सटीक तिथियों के लिए कृपया rteportal.mp.gov.in पर नियमित रूप से जांच करते रहें। राज्य शिक्षा केंद्र कभी-कभी तिथियों में संशोधन कर सकता है।
Common Mistakes Parents Make in Round 2
Mistake 1: Naye Registration Ki Umeed Karna
सबसे सामान्य गलती यह है कि अभिभावक सोचते हैं कि द्वितीय चरण में नए आवेदन खुलेंगे। ऐसा नहीं है। एमपी आरटीई पोर्टल पर साल में सिर्फ एक बार पंजीकरण विंडो होती है (वर्ष 2026 में 13-28 मार्च)। यदि आपने मार्च में आवेदन नहीं किया, तो आप द्वितीय चरण में पात्र नहीं हैं — चाहे रिक्त सीटें कितनी भी क्यों न हों। यह एक अनिवार्य शर्त है।
Mistake 2: Portal Status Na Check Karna
द्वितीय चरण का आवंटन अभिभावक को एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाता है। लेकिन कभी-कभी एसएमएस नहीं आता — नेटवर्क समस्या या पोर्टल पर गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण। अभिभावकों को स्वयं पोर्टल पर नियमित रूप से लॉगिन करके स्थिति (स्टेटस) जांचते रहना चाहिए। अन्यथा वे महत्वपूर्ण अवसर से वंचित रह सकते हैं।
Mistake 3: Reporting Window Miss Karna
द्वितीय चरण में रिपोर्टिंग विंडो सामान्यतः केवल 3 से 5 दिन की होती है — जबकि पहले चरण में 15 दिन का समय मिलता था। यह बहुत बड़ा अंतर है। यदि आपको द्वितीय चरण में सीट मिलती है और आप रिपोर्टिंग की समयसीमा चूक जाते हैं, तो वह सीट अगले आवेदक को चली जाती है और कोई दूसरा अवसर नहीं मिलता।
Mistake 4: School Ke Hidden Fees Na Puchna
आरटीई अधिनियम के तहत स्कूल कोई भी प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, या विकास शुल्क नहीं ले सकता। लेकिन कुछ निजी स्कूल यूनिफॉर्म या किताबों के नाम पर पैसे मांगते हैं। आरटीई कोटे के लिए यह भी निःशुल्क है। यदि स्कूल कोई भी भुगतान मांगता है, तो तुरंत सीएम हेल्पलाइन (181) पर शिकायत दर्ज कराएं।
Mistake 5: Backup Plan Na Hona
द्वितीय चरण में सीट मिलने की कोई गारंटी नहीं है। यदि आप प्रतीक्षा सूची में नीचे हैं या रिक्त सीटें बहुत सीमित हैं, तो सीट न मिलना बहुत संभव है। अभिभावकों को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सरकारी स्कूल में भी प्रवेश की प्रक्रिया कर लेनी चाहिए, ताकि बच्चे की शिक्षा न रुके।
Data, Statistics, and Case Studies
Official Statistics – Seat Availability Pattern
आँकड़ा 1: मध्य प्रदेश के निजी स्कूलों में कुल सीटों का 25% आरटीई कोटे के लिए आरक्षित होता है। एक औसत निजी स्कूल में यदि कक्षा 1 की कुल क्षमता 60 है, तो आरटीई कोटे की सीटें 15 होती हैं।
आँकड़ा 2: पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण के बाद लगभग 15-20% सीटें रिक्त रह जाती हैं, क्योंकि चयनित अभिभावक रिपोर्टिंग नहीं करते या दस्तावेजों के मिलान में त्रुटि होने के कारण प्रवेश नहीं ले पाते।
आँकड़ा 3: मध्य प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 2 से 2.5 लाख आरटीई आवेदक होते हैं, जबकि कुल उपलब्ध सीटें लगभग 1.2 से 1.5 लाख होती हैं। इस कारण द्वितीय चरण में प्रतिस्पर्धा कम नहीं होती — प्रतीक्षा सूची वालों के लिए सीट पाना आसान नहीं होता।
Case Example 1 – Waiting List Success
परिदृश्य: इंदौर निवासी शर्मा परिवार ने मार्च 2026 में अपनी बेटी के लिए कक्षा 1 हेतु आवेदन किया। लॉटरी में उन्हें सीट नहीं मिली — उनका प्रतीक्षा क्रमांक 5 था। पहले चरण की रिपोर्टिंग अवधि के बाद, 3 चयनित अभिभावकों ने रिपोर्टिंग नहीं की। प्रतीक्षा सूची के क्रमांक 1, 2 और 3 को सीटें मिल गईं। शर्मा परिवार का क्रमांक 5 था, इसलिए उन्हें सीट नहीं मिली।
परिणाम: यदि आप प्रतीक्षा सूची में 5वें क्रमांक पर हैं, तो संभावना कम है। लेकिन यदि आप पहले या दूसरे क्रमांक पर हैं, तो मजबूत संभावना है। इसलिए अभिभावकों को अपना प्रतीक्षा क्रमांक नियमित रूप से ट्रैक करते रहना चाहिए।
Case Example 2 – Document Mismatch
परिदृश्य: भोपाल निवासी गुप्ता परिवार का बेटा पहले चरण में कक्षा 1 के लिए चयनित हुआ। रिपोर्टिंग के समय स्कूल ने देखा कि बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र पर नाम “आरव गुप्ता” है, जबकि आवेदन में केवल “आरव” लिखा था (उपनाम गायब था)। स्कूल ने इस आधार पर प्रवेश देने से मना कर दिया।
परिणाम: परिवार ने तहसील से जन्म प्रमाण पत्र में सुधार कराया और नया प्रमाण पत्र लिया, लेकिन तब तक रिपोर्टिंग की समयसीमा समाप्त हो चुकी थी। सीट रद्द हो गई और द्वितीय चरण में भी उन्हें कोई सीट नहीं मिली, क्योंकि उनकी सीट पहले ही आवंटित और रद्द हो चुकी थी। गलती: दस्तावेज सत्यापन को हल्के में लेना।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. क्या द्वितीय चरण के लिए नया पंजीकरण फॉर्म आएगा?
नहीं। द्वितीय चरण के लिए नए पंजीकरण नहीं खुलते। केवल वही अभिभावक शामिल किए जाएंगे जिन्होंने मार्च 2026 में पहले चरण के लिए आवेदन किया था।
2. यदि पहले चरण में सत्यापन विफल हो गया तो क्या द्वितीय चरण में आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। जिनका सत्यापन विफल हो चुका है, वे द्वितीय चरण में पात्र नहीं हैं। अगले शैक्षणिक सत्र के लिए ही दोबारा आवेदन कर सकते हैं।
3. क्या द्वितीय चरण में आयु सीमा में छूट मिलती है?
नहीं। आयु सीमा पहले चरण के समान ही रहती है। द्वितीय चरण में कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी जाती।
4. प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) क्रमांक कैसे पता करें?
पोर्टल पर लॉगिन करके “एप्लीकेशन स्टेटस” में देखें। लॉटरी परिणाम के साथ प्रतीक्षा क्रमांक भी प्रदर्शित होता है।
5. मध्य प्रदेश का बीपीएल कार्ड है लेकिन आय ₹1.2 लाख है — क्या पात्र हूँ?
नहीं। आय सीमा ₹1 लाख प्रति वर्ष है। यदि आय इससे अधिक है तो आप ईडब्ल्यूएस या बीपीएल श्रेणी में पात्र नहीं हैं।
6. स्कूल रिपोर्टिंग के लिए द्वितीय चरण में कितना समय मिलता है?
सामान्यतः 3 से 5 दिन। सटीक तिथियाँ पोर्टल पर सूचित की जाएंगी। पहले चरण की तरह 15 दिन का समय नहीं मिलता।
7. क्या द्वितीय चरण में स्कूल की पसंद (प्राफरेंस) बदल सकते हैं?
नहीं। पहले चरण में जो पसंद (प्राफरेंस) दी गई थी, वही द्वितीय चरण में मान्य होती है। नई पसंद नहीं जोड़ सकते।
8. क्या तृतीय चरण भी होता है?
कभी-कभी बहुत सीमित सीटों के लिए तृतीय चरण होता है, लेकिन यह सामान्य नहीं है। बिना आधिकारिक सूचना के कोई चरण नहीं होता।
9. क्या बिना आधार कार्ड के आवेदन कर सकते हैं?
बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। लेकिन माता-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड आवश्यक है।
10. स्कूल आरटीई कोटे पर प्रवेश देने से मना कर रहा है — क्या करें?
तुरंत सीएम हेल्पलाइन (181) पर शिकायत दर्ज कराएं। या जिला शिक्षा अधिकारी के पास लिखित में शिकायत दें। आरटीई अधिनियम के तहत स्कूल को प्रवेश देने से मना करने का अधिकार नहीं है।
Author Expertise Section
यह मार्गदर्शिका मध्य प्रदेश आरटीई प्रवेश प्रक्रिया के आधिकारिक दिशानिर्देशों, पोर्टल सूचनाओं और पिछले वर्षों के पैटर्न के आधार पर तैयार की गई है। जानकारी आधिकारिक स्रोतों — rteportal.mp.gov.in, स्कूल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश, और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 — से ली गई है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम अपडेट नियमित रूप से जांचते रहें, क्योंकि तिथियों में परिवर्तन हो सकता है।
Summary – Key Takeaways
- द्वितीय चरण केवल उन्हीं के लिए है जिन्होंने पहले चरण में आवेदन किया था — नए आवेदक पात्र नहीं हैं।
- प्रतीक्षा सूची वाले अपने आप शामिल हो जाते हैं।
- दस्तावेजों में अंतर (मिसमैच) और रिपोर्टिंग चूक जाने से सीट रद्द हो जाती है।
- द्वितीय चरण में आयु सीमा में कोई छूट नहीं।
- रिपोर्टिंग विंडो पहले चरण से छोटी होती है — इसलिए पोर्टल नियमित रूप से जांचें।
कार्रवाई योग्य कदम: आज ही rteportal.mp.gov.in पर अपनी आवेदन स्थिति जांचें। अपना प्रतीक्षा क्रमांक देखें और यदि संभव हो तो आसपास के स्कूलों में रिक्त सीटों के बारे में पूछताछ करें। रिपोर्टिंग अवधि चूकने से बचें।
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